आरक्षक भर्ती में बड़ा घोटाला उजागर, अभ्यर्थियों के सामने मिला एक ही आवेदन क्रमांक

रायपुर(खबरो का राजा) :- छत्तीसगढ़ की आरक्षक भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक चयन सूची ने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर गंभीर शंका पैदा कर दी है। बिलासपुर जिले की आरक्षक भर्ती परीक्षा (2023-24) की कथित सूची में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है—33 अभ्यर्थियों के नाम के सामने एक ही आवेदन क्रमांक 1000742369 दर्ज है।
सूची में सभी अभ्यर्थियों के नाम, रोल नंबर और पिता के नाम अलग-अलग हैं, लेकिन आवेदन क्रमांक समान दिखाया गया है, जो किसी भी नियमित भर्ती प्रक्रिया में संभव नहीं है। इससे भर्ती प्रणाली में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, लापरवाही या संभावित भ्रष्टाचार की आशंका मजबूत हो गई है। राज्य में पिछले कुछ महीनों में कई भर्ती घोटाले प्रकाश में आए हैं। समग्र शिक्षा भर्ती घोटाला, राजनांदगांव आरक्षक भर्ती घोटाला, आरआई प्रमोशन मामला और फॉरेस्ट गार्ड भर्ती विवाद पहले से ही चर्चा में थे। अब इस नई घटना ने युवाओं के विश्वास को और गहरा आघात पहुंचाया है।अभ्यर्थियों और नागरिकों में इस खुलासे को लेकर गहरा आक्रोश है। सोशल मीडिया पर लोग विभाग और सरकार से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। युवाओं का कहना है कि यदि एक ही आवेदन क्रमांक पर 33 लोगों को चयन सूची में दिखाया जा सकता है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि या तो डेटा में भारी छेड़छाड़ हुई है या फिर जालसाजी का बड़ा खेल चल रहा है। फिलहाल संबंधित विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि मामला तेजी से चर्चा में आने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार या विभाग जल्द ही जांच कमेटी गठित कर इस प्रकरण की सच्चाई सामने लाएगा। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना न केवल युवाओं के हित में है, बल्कि प्रशासनिक विश्वास बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है।





